
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को अमेरिकी सीनेटर स्टीव और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के साथ द्विपक्षीय व्यापार और आपसी संबंधों पर अहम चर्चा की।
बैठक ऐसे समय पर हुई है जब भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ा हुआ है।
अमेरिकी दालें बनीं विवाद की जड़
सीनेटर स्टीव अमेरिका के मोंटाना राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं— वही राज्य जहां बड़ी मात्रा में दालों का उत्पादन होता है और भारत उस दाल का सबसे बड़ा आयातक है।
हालांकि, अमेरिकी टैरिफ के जवाब में भारत ने अमेरिकी दालों पर 30 प्रतिशत शुल्क लगा दिया है, जिससे मोंटाना के किसानों को सीधा नुकसान हो रहा है।
किसानों की चिंता लेकर भारत पहुंचे सीनेटर
सूत्रों के मुताबिक, सीनेटर स्टीव अपने किसानों के हितों की पैरवी करने के लिए भारत आए हैं। माना जा रहा है कि उन्होंने वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के सामने दालों पर लगाए गए 30% टैरिफ और संभावित राहत के विकल्प पर विस्तार से बातचीत की।

टैरिफ वॉर और ट्रेड बैलेंस
भारत का तर्क साफ है— टैरिफ बढ़ाना घरेलू किसानों की सुरक्षा के लिए जरूरी था। अमेरिकी फैसलों का जवाब देना भी अनिवार्य हो गया था। वहीं अमेरिका चाहता है कि दालों पर शुल्क कम हो ताकि उसके किसानों को राहत मिले और द्विपक्षीय व्यापार में संतुलन बना रहे।
इस बैठक को टैरिफ वॉर को सुलझाने की दिशा में पहला कदम और भारत-अमेरिका ट्रेड रिलेशन को दोबारा ट्रैक पर लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, किसी ठोस समझौते की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।
जब बात टैरिफ की हो, तो कूटनीति भी थाली में परोसी जाती है— दाल अमेरिका की, दबाव दोनों तरफ का, और सौदा… अभी Pending!
